काइज़ेन तकनीक से आलस्य दूर भगाए

काइज़ेन दो शब्दों से मिलकर बना है। काइ और जे़न। काइ का अर्थ होता है ‘बदलाव’ और जे़न का अर्थ होता है ‘अच्छा’। इन दोनों शब्दों को मिलाकर कहा जाए तो काइजे़न का मतलब है “अच्छे के लिए बदलाव।” अब इसमें नया क्या है? संभव है कि हम काइजे़न शब्द से अपरिचित हो, मगर हम हिंदी या अपने जानने वाले किसी भी भाषा में “अच्छे के लिए बदलाव” परिभाषा से भली-भांति अवगत हैं। सुनने में यह परिभाषा अच्छी लगती है और इसे हम अपनी आदतों में शामिल भी करना चाहते हैं। कई बार हम उन अच्छे बदलावों को अपनी आदतों में जोड़ भी लेते हैं, मगर हर संभव प्रयास करके भी उसे लंबे समय तक निभा नहीं पाते। फलस्वरूप हम फिर से वहीं आकर खड़े हो जाते हैं, जहाँ से हमने शुरूआत की थी। अब-तक तो आप इसका कारण समझ ही चुके होंगे, जी हाँ हम आलस्य या लद्धड़पन या सुस्ती की बात कर रहे हैं। जो हमें अपना काम करने से रोकती है।

आइए थोड़ा काइजे़न के बारे में जानते हैं-

मासाकि इमाई को काइजे़न तकनीक का जन्मदाता कहा जाता है। काइज़ेन तकनीक के अंतर्गत, आपको निरंतर एक खास समय पर किसी भी पसंद के कार्य को एक मिनट तक करना होता है। यहाँ अगर आपने खास समय  6:30 am का चुना है और आपके पसंद का काम व्यायाम है, तो फिर आपको हर रोज़ सुबह ठीक 6:30 बजे, एक मिनट (6:30-6:31 am) तक व्यायाम करना होगा। कोशिश यही होनी चाहिए कि आप इसका हर दिन अनुसरण करें और इसे पूर्व निर्धारित समय तक ही करें।

एक मिनट से ही शुरुआत क्यों करें-

हम कई बार लक्ष्य निर्धारित करते हैं, मगर अपने आलस्य की वजह से उस लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। इसलिए यह जरूरी है कि हम सबसे पहले अपने आलस्य को दूर भगाए। जिसके लिए काइजे़न तकनीक का अनुसरण करना आवश्यक है। अगर एक मिनट तक किसी भी पसंदीदा काम को करने से आलस्य दूर हो जाता है, फिर इसे आज़माने में क्या आपत्ति हो सकती है। यह एक मिनट का बदलाव, हमारे थके और आलस्य से भरे दिमाग को संकेत देकर जगाने का काम करेगा और धीरे-धीरे आलस्य को दूर कर देगा। इससे हमारी लक्ष्य के प्रति रूचि जाग उठेगी और जब वह रूचि प्रबल होने लगेगी, तब उसका असर दूसरे कामों में भी दिखने लगेगा।

निष्कर्ष-

हर बड़े बदलाव की शुरूआत छोटे-छोटे कदमों से ही होती है। और यही तो काइजे़न हमें सिखाता है। काइजे़न के विस्तार रूप को समझने से अच्छा है कि हम उसके छोटे से पहलू को समझकर उसे अपनी आदतों में शामिल करने की कोशिश करें। कुछ समय तक इसका पालन करने पर आप पाएंगे कि आपने खुद-ब-खुद काइजे़न के विस्तार रूप को भी समझ लिया है। बस जरूरत है तो शुरूआत करने की, फिर जब भी आप खुद को आईने में देखेंगे, तो वह अच्छा बदलाव स्वयं आपकी नज़रों के सामने आत्मविश्वास बनकर झलकेगा।

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Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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