सर्बिया का किसिल्जेवो गाँव

किसिल्जेवो उत्तर-पूर्वी सर्बिया का एक छोटा सा गाँव है। यहाँ तकरीबन 700 से 750 लोग रहते हैं। यह छोटा सा गाँव वैसे तो देखने में बेहद शांत नजर आता है। मगर इसके किस्से दुनिया भर में मशहूर हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस गाँव में एक पिशाच (Vampire) का जन्म हुआ था।

कौन है पेटार ब्लैगोजेविच?

पेटार ब्लैगोजेविच, सर्बिया के किसिल्जेवो गाँव में रहा करता था। उसकी मृत्यु सन् 1725 में हुई। पौराणिक कथाओं के अनुसार उसके मृत्यु के फौरन बाद किसिल्जेवो गाँव में भयानक घटनाएँ होनी शुरू हो गई। एक बहुत पुराने रिपोर्ट (Imperial Provisor Frombald) के अनुसार, पेटार ब्लैगोजेविच के मरने के आठ दिनों के भीतर, नौ लोग हर 24 घंटे में मारे गए। मृत्युशय्या पर लेटे उन नौ पीड़ितों ने यह दावा किया कि उनपर पेटार ब्लैगोजेविच के मुरदा शरीर ने हमला किया था और बुरी तरह से जख़्मी करने के बाद उनके गले को काटा और खून भी चूसा।

पेटार ब्लैगोजेविच से जुड़ा एक और किस्सा भी उतना ही भयानक है। एक रात वह अपने घर गया और अपने बेटे से मिला। उसने अपने बेटे से भोजन की मांग की। उसका बेटा इतना डरा हुआ था कि उसने पेटार को भोजन देने से मना कर दिया। तब पेटार ने उसपर क्रूरता से हमला किया और गले से खून चूस कर उसे मार डाला।

पर बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। एक रोज पेटार अपनी पत्नी से मिलने उसके घर गया। उसने उससे पहनने को जूते मांगे। खुशकिस्मती से पेटार ने उसे नहीं मारा। मगर वह इस घटना से इतनी डर गई कि उसने किसिल्जेवो गाँव छोड़ दिया और रहने के लिए दूसरे शहर चली गई।

यह सारी घटनाएँ किसी पिशाच की तरफ ही इशारा कर रही थीं। गाँव वालों को शक था कि हो न हो यह पिशाच पेटार ही होगा। क्योंकि सभी मृत्यु में दो बातें सामान्य थीं। एक कि सभी मरने वालों ने पेटार ब्लैगोजेविच को हमलावर बताया था और सभी के गले पर दाँत गड़ाने और खून चूसने के निशान थें।

खैर, इस आधार पर पेटार के मौत के चालीस दिन बाद चर्च से अनुमति लेकर, फ़ादर समेत अन्य सरकारी अधिकारियों ने पेटार को कब्र से बाहर निकाला। उसे देखकर सभी के चेहरों पर दहशत फैल गई। पेटार ब्लैगोजेविच के शरीर का अब-तक विघटन शुरू नहीं हुआ था। वह इतना ताज़ा लग रहा था, जितना कि किसी जीवित व्यक्ति का शरीर लगता है। उसके सिर के बाल पहले से बढ़ गए थें, उसके नाखून भी बढ़े हुए थें। उसका चेहरा लाल और ताज़ा था। मगर उसके होंठो पर खून के निशान थे। यह सब कुछ बेहद रहस्यमयी, डरावना और खौफनाक था। अगर आज यह घटना आपके शहर में हो रही होती, तो आप भी उस वक्त के स्थानीय लोगों का डर महसूस कर पाते। खैर, स्थानीय लोगों ने पेटार के शरीर को जला दिया और उस दिन के बाद से ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई।

बहरहाल पेटार ब्लैगोजेविच का नाम अमर हो चुका है। वह लोगों के किस्से-कहानियों में इस तरह से घुल गया है कि दूर-दूर से लोग सर्बिया के किसिल्जेवो गाँव में घूमने आते हैं।

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Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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