3. सात महत्वपूर्ण अतिथि

मेरे दिखाई देने की वजह से मैं बहुत खुश था और शोभा भी। अब कौशल भी मुझे देखकर नहीं रो रहा था। हाँ अभी उसे अपने गोद में उठाने की मेरी इच्छा अधूरी थी। शायद वह मेरे सफेद और लगभग पारदर्शी शरीर में सुरक्षित न महसूस करता हो। खैर कोई बात नहीं, थोड़े दिन में जब वह मुझे और अच्छे से जान लेगा, तब वह मेरी इस इच्छा को भी पूरी कर देगा। हमें बताया गया कि अब से हमें अपनी पूरी जिंदगी इसी घर में रहना होगा। शोभा को इस बात से कोई परेशानी नहीं थी और ना ही बैनी सारस को। अगर कोई परेशान था, तो वे थें झाडूओं का दल। वे कुल चार थीं। पोबी उन सभी झाडूओं में सबसे ज्यादा बोलती थी। और उसने कहा-

‘मुझे तो पहले से पता था कि ये लोग यहीं रहने वाले हैं। मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ़ इस बच्चे से होने वाली है। इसकी गंदगी साफ करने के ख्याल से ही मुझे डर लगने लगता है।’

जब उन झाडूओं को यह पता चला कि उनके साथ बस इंसान ही नहीं, बल्कि प्रेत भी रहने आए हैं, तब उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ गया कि वे पूरे दो दिनों तक अपने कबर्ड से बाहर नहीं आईं। हालांकि उन्होनें हमारे बारे में कुछ कहा तो नहीं, मगर मेरे साथ-साथ पूजा और भुवन भी समझ गए थें कि उन्हें हमारे यहाँ रहने से आपत्ति है। बहरहाल अगर मैंने आपको पूजा और भुवन के बारे में नहीं बताया, तो आपको बताता चलू कि वे बैनी सारस के परिवार से थे। पूजा सारस, बैनी की बहू थी और भुवन उनका पोता। उन दोनों की हत्या गौड्रिलों ने की थी।

जब से हम यहाँ आए थें, तब से लेकर अबतक हम इस घर से बाहर नहीं निकले थें। मुझे बताया गया कि जब मैं तहखाने से होकर बाहर गया था, तब भी मैं इस घर के घेरे में ही था। वाइट रिवर घर से ज्यादा दूर नहीं था। मैं बाहर जाना चाहता था, मगर उस सुरीली मोमबत्ती ने बताया कि अच्छा होगा कि हम मिस टोलस्काइ के कहने पर ही ऐसा करें। वरना हम मुसीबत में फस सकते है। मैंने उस मोमबत्ती की बात मान ली। उसका नाम नेमो है। जैसा उसने मुझे बताया।

यह दृश्य भोजन कक्ष का था। जब सूरज आसमान में बिल्कुल सीधा खड़ा हुआ, तब खिड़की से उसकी रोशनी आनी बंद हो गई। जिससे शोभा को थोड़ी ठंड लगने लगी थी। मैंने देखा कि पोबी अपने चार सहेलियों के साथ कौशल को इधर-उधर जाने से रोक रही थी और कौशल पूरी तेजी से उनके द्वारा बनाए सुरक्षा घेरों से बाहर निकल जाया करता। थोड़ी देर में ऐसा लगने लगा जैसे वहाँ किसी तरह का खेल चल रहा हो। कौशल को मज़ा आने लगा था और उन झाडूओं को भी उसे रोकने और फिर जाने देने में प्रसन्नता होने लगी थी।

तब-तक बरतनों ने खाना तैयार कर लिया था। मुझे भूख नहीं लगी थी और ना ही मैं भूख महसूस कर पा रहा था। फिर भी देखने से खाने का स्वाद पता हो ही जाता था। वे स्वादिष्ट लग रहे थे। जब सभी ने खाना खत्म कर लिया, तब मिस माँरफीन वहाँ आई और हमें शाम को तैयार होकर बैठक कक्ष में आने के लिए आमंत्रित किया। बैठक किस लिए बुलाई गई थी, यह हमें नहीं बताया गया, पर समय पर पहुँचने की सख्त हिदायत दी गई।

शाम को हम बैठक-कक्ष में पहुँचे। नेमो पहले से ही वहाँ उपस्थित थी। वह उस बड़े से गोल टेबल के बीचों-बीच ऐसे शान से खड़ा थी, जैसे उसकी उपयोगिता वहाँ सबसे ज्यादा हो। और यह बात सही भी थी, क्योंकि उसी ने उस अंधेरे बैठक-कक्ष को रोशन कर रखा था। वह पंद्रह कुर्सियों वाली गोल टेबल जल्दी ही 14 मेहमानों से भर गई। 7 मेहमान घर के बाहर से भी आए थें।

मिस माँरफीन ने हमलोगों का उनसे परिचय करवाया। बैठक में कुल पांच मनुष्य और दो प्रेत शामिल हुए थें। हम सभी को प्रेतों को देखकर जितनी हैरानी नहीं हुई, उतनी हैरानी मनुष्यों को देखकर हुई। अभी तक हमें नहीं मालूम था कि हम किस आयाम और कौन सी दुनिया में हैं। मगर मनुष्यों को देखकर हमें अच्छा लग रहा था। काफी अच्छा। वे भले लोग जान पड़ते थे।

मिस मौली रेल वहाँ के यातायात प्रधान थी। मिस माँरफीन ने हमें बताया कि वे यहाँ के सभी मार्गों से अवगत है। इसके अलावा उन्होंने कई गुप्त मार्गों का भी निर्माण करवाया है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। वह उन पांच मनुष्यों में इकलौती महिला थी। देखने में काफी मोटी और गोरी। उनकी गर्दन बेहद छोटी और उनके हाथ इतने फूले हुए थे कि ऐसा लग रहा था कि उसमें ढेर सारी हवा भर दी गई हो। मिस माँरफीन ने बताया कि वे उन गिने-चुने लोगों में से एक हैं, जिनपर मिस टोलस्काइ भरोसा करती हैं।

फिर दूसरे मनुष्य बर्गर बेस्ट थें। वे इस जगह पर रहने वाले मनुष्यों के मुखिया और उनकी आवाज़ थे। इसका मतलब था कि उनके मुँह से निकल रही कोई भी बात और उनके कानों में पड़ने वाली कोई भी बात, आम मनुष्यों से जुड़ी थी और वे उन्हें सब कुछ बताते थें। पर वे कुछ जरूरी बातों को गोपनीय भी रखना जानते थे। मैंने उन्हें बात करते हुए सुना, जिससे यह पता चलता था कि उनकी बातें काफी राजनीतिक लगती थी। और उन्हें अपने उच्चे ओहदे का धौंस जमाना भी अच्छा लगता था।

मिस्टर जिको मैगज़ीन वहाँ के सैनिकों के प्रधान थे और बर्गर बेस्ट के इशारों पर काम करते थें। उनकी सेना दो हजार लोगों की थी। पर जिको बताते हैं कि वे दो हजार लोग सर्वश्रेष्ठ योद्धा है। ऊपर से उनके पास बहुत सी ऐसी युद्ध रणनीतियाँ थी, जिससे वे आसानी से बड़ी से बड़ी सेनाओं का सामना कर सकते थे।

फिर हमारा परिचय मिस्टर वेल ब्रूज से करवाया गया। वे एक चिकित्सक थे और बहुत कम बोलते थे।

उसके बाद हम डेलिन हर्ब से मिले। मिस्टर डेलिन की उम्र लगभग 50-55 की होगी। वे बड़े ही दिलचस्प व्यक्ति थे। वैसे तो उनका लेना-देना किसी भी सरकारी अधिकारियों से नहीं था, वे तो एक आम मनुष्य थे। पर मिस माँरफीन ने बताया कि वे बड़े ही काम के व्यक्ति है। अगर कभी हम किसी मुसीबत में पड़े, तो बेफ़िक्र होकर उनसे मदद ले सकते है। वे हमारे रहने, खाने का प्रबंध करने में और हमें सुरक्षित रखने में समर्थ है।

फिर हमारी मुलाकात रेडनोज और कैथी से हुई। इन दोनों प्रेतों को देखकर मुझे अपने रंगरूप का ख्याल आ गया। मिस माँरफीन ने उन दोनों से मेरा खास परिचय करवाया और उन्हें मेरी हिफाज़त करने की ज़िम्मेदारी सौंपी। मैंने देखा कि वे दोनों आसानी से चीजों को खा सकते थे और कुछ पी सकते थे। मैं भी ऐसा करना चाहता था और उनदोनों ने मेरी मदद करने का वादा भी किया। मिस माँरफीन ने मुझे उनदोनों से मिलने-जुलने की अनुमति दे दी। उन दोनों प्रेतों ने मुझे अपने घर आने को कहा। रेडनोज ने बताया कि वहाँ कुछ और प्रेत भी रहते है। वे सभी अच्छे और भले प्रेत है। उन प्रेतों की तरह नहीं जो आए दिन मनुष्यों को डराते और उन्हें वश में करके उन्हें मारना चाहते है। उन्होंने मिस माँरफीन का धन्यवाद किया, क्योंकि उन्हीं की वजह से मनुष्य उन बुरे प्रेतों से सुरक्षित रह पाते है।

खैर, एक बात जो हमारे पूछने पर भी हमें कोई नहीं बताना चाहता था, वह बात यह थी कि आखिर हम किस दुनिया में थें और वे लोग हमें क्यों नहीं बताना चाहते थे। जब मैंने मिस माँरफीन से पूछा, तब उन्होंने कहा कि यह रहस्य भी जल्द ही उजागर हो जाने वाला है।

और तभी मिस एर टोलस्काइ कमरे में आती हैं और सभी अपनी जगह पर खामोशी से बैठ जाते है।  जिसका मतलब था, बैठक की शुरूआत हो चुकी थी-

‘उम्मीद करती हूँ कि आपलोग एक दूसरे से मिल चुके होंगे।’ मिस स्काइ ने कहा। उन्होनें बोलना जारी रखा-

‘तो अब हम मुद्दे पर आते है। मिस्टर बर्गर बेस्ट अब आप आधिकारिक रूप से अपना फैसला सुना सकते हैं। क्या आप पृथ्वी से आए इन लोगों को अपने बीच रखने की अनुमति देते हैं?’

मिस्टर बेस्ट ने गंभीरता से कहा ‘जी हाँ मिस स्काइ। वैसे आपको मुझसे राय लेने की जरूरत नहीं थी। मैंने आपसे पहले भी कहा है कि ऐसे फैसले आप स्वयं ही ले लिया करें। रहा सवाल कागज़ी कामों का, तो फिर आप मुझे उसकी सूचना भेजकर बनवा सकती हैं। मैं सदा इसके लिए तैयार रहता हूँ।’

‘कैसा कागज़ी काम?’ मैंने मिस माँरफीन से पूछा।

‘कागज़ी काम से मिस्टर बेस्ट का मतलब है कि तुम्हें सरकारी तरीके से इस आयाम का सदस्य घोषित करना। जिसमें चुनाव का अधिकार, ज़मीन ख़रीदने और बेचने का अधिकार, अपनी मर्जी से यहाँ-वहाँ जा सकने का अधिकार और वगैरह-वगैरह शामिल होता है।’

‘फिर भी आप एक सरकारी आदमी हैं, इसलिए मैंने आपको इन लोगों से मिलवाना जरूरी समझा। कम से कम अब आप यह तो जान गए हैं कि ये लोग दिखते कैसे है।’ मिस स्काइ न कहा।

‘मुझे माफ कीजिएगा मिस स्काइ, अब आप मुझे शर्मिंदा कर रही हैं। मुझे आपके फ़ैसलों और कामों में दखल देना जरा भी पसंद नहीं। मैं जानता हूँ कि आप हमेशा नियमों को ध्यान में रखकर ही काम करती हैं। वैसे मेरे यहाँ आने का मुख्य उद्देश्य तो अच्छा भोजन करना है। मेरी पत्नी वैमी कभी इतना अच्छा खाना नहीं बना पाती।’ मिस्टर बर्गर बेस्ट ने मुलीगाटाँनी सूप से भरे एक बड़े प्याले को गटकते हुए कहा। ‘रहा सवाल इन लोगों को देखने का, तो वो काम मैंने कर लिया है। मुझे तसल्ली है कि ये लोग उन खूंखार प्रेतों की तरह नहीं दिखते, जो आए दिन हमारे लोगों को परेशान करते है और उन्हें मारते है।’

‘इन्हें यहाँ रहने देने में, आप लोगो में से किसी को एतराज तो नहीं?’ मिस स्काइ ने वहाँ मौजूद सात अतिथियों से पूछा।

‘हमें में कोई एतराज नहीं है।’ सभी ने एक स्वर में कहा।

जब मिस्टर बर्गर बेस्ट ने कह दिया तो फिर किसी और सरकारी अधिकारी के पास ज्यादा कुछ नहीं बचा था कहने को। वैसे भी किसी को पृथ्वी से आए महमानों से खतरा महसूस नहीं हो रहा था। इसलिए बैठक फौरन ही समाप्त हो गई। मेहमानों ने जमकर खाया और हमसे विदा लेकर चले गए। सिवाय कैथी और रेडनोज के। वे दोनों प्रेत अब भी रुके हुए थे। मिस स्काइ और मिस माँरफीन पहले ही अपने-अपने कमरे में जा चुकी थीं। मुझे नहीं मालूम कि हमलोग अब-तक बैठक कक्ष में क्यों रुके हुए थे।

फिर कुछ जादू जैसा हुआ। जब हमें रेडनोज और कैथी एक के बाद एक दिल दहला देने वाली कहानियाँ सुना रहे थे, तभी एक नीली रोशनी दरवाज़े से कमरे में दाखिल हुई और नेमो मोमबत्ती से जा मिली। इसके फौरन बाद नेमो अपनी जगह से हिली और उस गोल टेबल से उतरकर नीचे आ गई। फिर उसने पतली आवाज़ में कहा ‘मेरे साथ चलो।’

जारी है…

***

Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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