ब्लडी मेरी की सच्ची कथा

ब्लडी मेरी कौन थी?

मेरी प्रथम का जन्म ग्रीनविच इंगलैंड में 18 फरवरी 1516 को हुआ था। वह इंगलैंड और आयरलैंड की पहली रानी थी। उसने अपने कई सौ विरोधियों को मरवाया था, जिससे मेरी लोगों के बीच “ब्लडी मेरी” के नाम से जानी गई।

ब्लडी मेरी से मिलने का तरीका-

एक बहुत पुराने रिवाज के अनुसार, किसी भी अविवाहित कन्या को सीढ़ियों पर अपने हाथ में दर्पण लिये उल्टा चढ़ना होता था। अगर उस कन्या को दर्पण में किसी पुरूष की झलक मिलती है, तब इसका मतलब होता था कि उससे उस कन्या की शादी होने वाली है। पर इस दौरान यह भी संभावना बनी रहती थी कि कन्याओं को उस दर्पण में मरे हुए लोगों का कंकाल या फिर खोपड़ी नजर आ जाए। यह इस बात का संकेत होता था कि उस कन्या का पति शादी होने से पहले मारा जाएगा।

17 नवंबर 1558, ब्लडी मेरी के मौत के बाद यह रिवाज बदलकर कुछ और हो गया। किसी अंधेरे कमरे में शीशे के सामने खड़े होकर, जब आप उसका नाम (ब्लडी मेरी) तीन बार पुकारेंगे, तब वह आपके सामने शीशे में प्रकट हो जाएगी। कभी वह आपके सामने अपने हाथों में मृत शरीर लेकर प्रकट होगी, तो कभी उसका मकसद आपके पीछे पड़ने का होगा।

बहुत से लोगों ने इन बातों के सच होने का दावा किया है और जब इतने लोग दावा करते हैं, तब यह सिर्फ महज एक दन्तकथा नहीं रह जाती। जब इस घटना से जुड़े पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी, तब मजबूर होकर विज्ञान को भी इसमें दखल देना पड़ा। विज्ञान के अनुसार अगर आप अंधेरे में कम रोशनी में अपने आप को शीशे में देखते हैं, तब आपको अपने चेहरे पर रहस्यमयी बदलाव नजर आने लगेगा। कभी-कभी आप स्वयं को सम्मोहित कर बैठते हैं और तब आपको वही चेहरा नजर आता है जो उस वक्त आपके दिमाग में चल रहा होता है।

खैर सच्चाई जो भी हो पर ब्लडी मेरी की लोककथा सचमें बेहद प्रसिद्ध और डरावने रहस्यों से भरी है।

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Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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