2. हम कैसे जाने कि हमपर भूतों-प्रेतों का साया है?

इस श्रृंखला की पहली दो कहानियों गेस्ट हाउस और भूत-प्रेत कहाँ रहते हैं, को ढ़ेर सारा प्यार देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। आपके इसी प्यार के बदौलत मुझे और कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिलती है। तो चलिए ज्यादा समय न बर्बाद करते हुए इस कहानी को शुरू करते हैं।

तब आधी रात हो चुकी थी और मैं अपने बिस्तर पर गहरी नींद में था। मैंने सपना देखा कि कोई मेरा पीछा कर रहा है और मैं उससे अपनी जान छुड़ाकर भाग रहा हूँ। जंगलों के बीच से दौड़ते हुए मैं एक ऐसी जगह पर जा पहुँचा, जहाँ एक घर मौजूद था। मैं उस जगह को पहचानता था। यह वही गेस्ट हाउस था जहाँ मैं कुछ सालों पहले रुका था। मैं वहाँ रूकना नहीं चाहता था, मगर उसके अलावा वहाँ और कोई दूसरी जगह भी नहीं थी जहाँ मैं उस पीछा करने वाले से अपनी जान बचा सकता था। मैं फौरन गेस्ट हाउस मे दाखिल हुआ और थोड़ी देर में वह इंसान भी उस दरवाज़े से होकर अंदर आया। मैं उस वक्त सोफे के पीछे छिपा हुआ था। और जितना संभव हो सकता था मैं उतना खुद को सोफे के पीछे छुपाते हुए, उस इंसान को देखने की चेष्टा की। मैं उस इंसान को पहचानता था। वह और कोई नहीं बल्कि वही प्रेत था, जो कुछ दिनों पहले मेरे घर में बालकनी के रास्ते आया था और मुझे भूत-प्रेत कहाँ रहते हैं उसके बारे में बताया था। उसे देखकर मेरा डर कुछ कम हुआ।

फिर उस प्रेत ने कहा ‘मुझे मालूम है कि तुम सोफे के पीछे छुपे हो, जल्दी बाहर आ जाओ, हमारे पास बर्बाद करने के लिए ज्यादा समय नहीं है।

मेरे बाहर आने पर उस प्रेत ने कहा ‘ठीक है अब तुम मुझसे आज का प्रश्न पूछो?’

कुछ पल सोचने के बाद मैंने पूछा ‘ हम कैसे पता लगाए कि हमपर भूतों और प्रेतों का साया है?’

वह प्रेत मुस्कराया और बोला ‘अच्छा प्रश्न है। भूतों और प्रेतों का प्रभाव मनुष्यों पर कई तरह से हो सकते हैं, जिसका मतलब है कि ऐसे कई तरीके हैं, जिसके सहारे पता लगाया जा सकता है कि मनुष्यों पर भूत-प्रेत का साया है। चलो मैं तुम्हें विस्तार में बताता हूँ-

तुम्हें अचानक ठंड महसूस होने लगे –

Ghost Story Hindi

चाहे गरमी का ही मौसम क्यों ना हो, जब तुम अचानक ठंड महसूस करने लगो, तब समझ लेना कि तुम्हारे निकट कोई छिपी हुई शक्ति मौजूद है। और कुछ देर हो जाने के बाद भी अगर वह ठंड कम ना हो, तो इसका मतलब है कि वह तुमसे संपर्क करना चाहती है। संभव है कि तुम्हें नींद आने लगे और तुम बिस्तर पर जाकर लेट जाओ, इसी दौरान भूत-प्रेत तुम्हारे सपने में आकर तुमसे अपनी बात कहते हैं। पर उनका बात करने का ढंग कुछ अलग होता है। वे तुम्हें सपने में चीजों को दिखाकर अपनी बात कहते हैं।

तुम्हें बार-बार ऐसा महसूस होना कि कोई तुम्हें देख रहा है और स्पर्श कर रहा है-

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मनुष्यों की छठी इंद्री कभी गलत संकेत नहीं देती। यह बात अलग है कि छठी इंद्री के संकेत को मनुष्य बहुत आसानी से नज़रअंदाज़ कर देते हैं। औसतन सभी मनुष्यों में छठी इंद्री को समझने की कला नहीं होती। अगर तुम्हें बार-बार यह महसूस हो कि कोई तुम्हें देख रहा है और छू रहा है, तब इस बात में कोई शक नहीं रखना चाहिए कि कोई छुपी हुई शक्ति अर्थात भूत-प्रेत तुम्हें देख और छू रहे हैं। बालों में स्पर्श का अनुभव करना, हाथों या ऊँगलियों पर किसी के छूने की अनुभूति होना, पहने हुए कपड़ों में घर्षण का अनुभव करना, पैरों में स्पर्श का अनुभव करना यह सभी इस बात का संकेत दे रहे होते हैं कि कोई तुम्हें छू रहा है, मगर नजर नहीं आ रहा। मनुष्यों की छठी इंद्री इसे आसानी से महसूस कर लेती है और तभी हमें किसी के पास होने की अनुभूति होती है और हमें डर लगने लगता है।

जानवरों का अजीब बर्ताव करना-

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कई बार जानवर किसी दिशा में देखकर अचानक चिल्लाने लगते हैं और चिल्लाते-चिल्लाते कभी आगे जाते हैं तो कभी डर के मारे पीछे हट जाते हैं। मनुष्यों को यह सब देखने की इतनी आदत होती है कि वे आसानी से इस घटना को नज़रअंदाज़ कर दिया करते हैं। मगर असल बात यह होती है कि जानवर उस वक्त भूतों-प्रेतों को देखकर चिल्ला रहे होते हैं।

अनचाही परछाई-

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कभी-कभी मनुष्यों के सामने से अपरिचित अनचाही परछाई गुजर जाती है। पर उन्हें समझ में नहीं आता कि भला वह किस चीज की परछाई थी। फिर वे मन ही मन ऐसा मान लेते हैं कि वह किसी उड़ती हुई चिड़िया या फिर किसी दूसरे चीज की परछाई होगी। फिर भी उन्हें उस परछाई का मुख्य कारण समझ में नहीं आता है। मानो या न मानो उन्हें भूत-प्रेत के होने की अनुभूति तो होती है, मगर वे जानबूझ कर इस विचार को अनदेखा कर देना चाहते हैं। ताकी वह खुद को उस डर से बचा सके जो उन्हें भूतों-प्रेतों के नाम से लगता है।

गुमनाम आवाजें-

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कई बार मनुष्य किसी के पुकारने की आवाज़ सुनते हैं। कोई उन्हें उनके नाम से बुला रहा होता है। उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे उनके परिवार के ही किसी सदस्य ने उन्हें पुकारा है। मगर जब वे उनके पास जाते हैं, तो पता चलता है कि उन्हें किसी ने भी नहीं पुकारा। तो फिर वे इस घटना को अपना भ्रम समझकर भूल जाते हैं। मगर वह उनका कोई भ्रम नहीं होता। उन्हें वाकई कोई पुकार रहा होता है और उन्हें पुकारने वाले भूत-प्रेत ही होते हैं।

अगर मनुष्यों के साथ अक्सर ऐसी घटनाएँ होती रहती हैं, तब यह समझ लेना चाहिए कि उनपर भूत-प्रेत का साया है।

आलविदा।

उसने अलविदा कहा और मेरी नींद खुल गई। मैं सपना देख रहा था पर मैं जानता था कि मैंने सचमें उस प्रेत से बात की थी। आखिर भूत-प्रेत सपने दिखाकर भी अपनी बात कह सकते हैं।

जारी है…

Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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