3. शापित रिंग की भूतिया कहानी

उस रात मैं भोजन करने के बाद मैं टी.वी देख रहा था। जब दरवाज़े पर दस्तक हुई और जब मैंने दरवाज़ा खोला, तो मेरी आँखों के सामने वही प्रेत खड़ा था। उसने मुझसे घर के अंदर दाखिल होने की अनुमति मांगी। मैंने उसे अंदर आने को कहा। इसके बाद हम सोफे पर बैठे, तब उस प्रेत ने मुझसे वह बात कही जो वह हमेशा मुझसे कहता था –

‘तुम मुझसे आज का प्रश्न पूछो?’

‘आप मुझे कोई ऐसी सच्ची घटना बताएं, जहाँ किसी प्रेत ने मनुष्य को अपने कब्ज़े में लिया हो।’ मैंने प्रश्न किया।

फिर वह प्रेत बोला ‘मैं तुम्हें एक सच्ची घटना बताता हूँ। ध्यान से सुनना।’ यह बोलकर उस प्रेत ने मुझे वह किस्सा बताना शुरू किया-

‘यह घटना 18वीं सदी के अंत की है। उसका नाम कैथी था। वो इंगलैंड के ब्रिस्टल शहर में रहा करती थी। एक दिन स्कूल से घर लौटते हुए कैथी को ज़मीन पर एक रिंग पड़ी मिली, जो कि सोने की थी। उसने आस-पास देखा और चुपके से उस रिंग को उठा लिया। जितनी देर में वह अपने घर पहुँची, बस उतनी ही देर में उसे अजीब सी अनुभूति होनी शुरू हो गई थी। न जाने क्यों उसे ऐसा लग रहा था कि कोई उसका पीछा कर रहा हो और उसके साथ उसके घर चला आया हो। उस रात जब कैथी सो रही थी, तब उसे बार-बार ऐसा लगता कि कोई उसे पैरों से पकड़कर धीरे-धीरे नीचे खींच रहा हो। उसने आँखें खोलकर देखना चाहा, तो उसने पाया कि वह अपने बिस्तर से आधी नीचे लटकी हुई थी। जब वह वापिस अपने बिस्तर पर ऊपर आई, तभी उसे एहसास हुआ कि कोई उसके पीछे चुपचाप खड़ा था। वह पीछे मुड़ी और उसे वह रिंग हवा में लटकती नजर आई। कैथी ने जैसे ही रिंग को छुआ, उसने अपने दिमाग से नियंत्रण खो दिया।

अगली सुबह जब कैथी स्कूल जाने के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं आई, तब उसकी माँ कमरे में पहुँची। और उनके सामने जो दृश्य था उसे देखकर वह पूरी तरह से दहल उठी। उनकी बेटी कैथी, दीवार से उलटी चिपकी हुई थी। उसकी माँ ने जैसे ही चिल्लाना चाहा, उसी पल कमरे का दरवाज़ा बंद हो गया। फिर कैथी हवा में तैरती हुई अपने माँ तक पहुँची और उसके गर्दन को मरोड़कर उसे मार डाला। आवाज़ सुनकर जब उसके पिता कमरे में पहुँचे और आँखों के सामने मौजूद दृश्य को देखकर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कैथी ने उसे भी मार डाला।

तीनों दिनों के बाद पुलिस वालों को यह पता चला कि उनके घर में दो मौते हुई हैं। पर सबसे डरावनी बात यह थी कि कैथी को अब-तक घर छोड़कर नहीं गई थी। वह भी उसी कमरे में छत की दीवार से चिपककर बैठी हुई थी। पहले दिन तो पुलिस वालों की नजर भी उसपर नहीं गई थी। पर दूसरे दिन जब उन्हें कैथी नजर आई, तो उन सब के होश ही उड़ गए। उन्होंने फौरन चर्च के फ़ादर को बुलाया।’

‘पुलिस वालों ने चर्च के फ़ादर से संपर्क किया। वो तो ऐसा नहीं करते।’ मैं बीच में ही बोल पड़ा।

‘यह गलत है। पुलिस वालों के सामने अक्सर ऐसी स्थिति आती है, जब उनका सामना भूतों और प्रेतों से हो जाता है। और वैसी स्थिति का सामना करने के लिए वो चर्च से संपर्क करते हैं। मगर एक बात ध्यान में रखना कि पुलिस वाले हमेशा ऐसी बातों को गोपनीय रखते हुए आए हैं। मुझे भी इसका कारण समझ में नहीं आता। शायद वे चाहते है कि लोगों तक यही संदेश पहुँचे कि भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती है।’ एक छोटे से विराम के बात उस प्रेत ने पुनः बोलना शुरू किया – ‘खैर, पहले तो चर्च से दो फ़ादर आए। मगर जल्दी ही उन्हें यह बात समझ में आ गई कि उन्हें और भी फ़ादरस की जरूरत थी। कैथी पर जिस प्रेत का साया था, वह कोई साधारण प्रेत नहीं था। उसे तो जैसे होली वाटर के छिड़काव से भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा था। पर जैसे ही पांच और फ़ादरस वहाँ पहुँचे और उन सब ने एक साथ कैथी को उस प्रेत के चंगुल से आज़ाद करने के लिए मंत्रों का उच्चारण करना शुरू किया, वैसे ही कैथी गुस्से और दर्द से जोर-जोर से चिल्लाने लगी। वह छत की दीवार से नीचे गिर पड़ी। वहाँ मौजूद फ़ादरस और पुलिस वालों ने देखा कि जब भी मंत्रों का उच्चारण किया जाता था, उसके हाथ की उँगली में मौजूद रिंग आग की तरह चमक उठता था। उन्हें समझ में आ गया था कि कैथी पर बुरी शक्तियों का साया उस रिंग की वजह से था। तकरीबन 15 लोगों ने मिलकर कैथी को पुरी ताकत से पकड़ा और एक फ़ादर ने कड़ी मशक्कत करने के बाद कैथी की उँगली से उस रिंग को बाहर निकाला। परंतु जैसे ही वह रिंग फ़ादर के संपर्क में आई उसने उसे भी अपने गिरफ्त में ले लिया और फ़ादर ने भी रिंग अपनी उंगली में पहन लिया। उस रिंग के संपर्क में आते ही फ़ादर भी उस प्रेत के कब्ज़े में आ गए थें। जब उस प्रेत ने फ़ादर का शरीर धारण किया, तब वह भयानक तरीके से वहाँ मौजूद लोगों पर हमले करने लगा। वहाँ कि स्थिति बद से बदतर हो गई थी। फ़ादर को उस प्रेत के साये से आज़ाद करने का एक ही तरीका था, उसे किसी भी तरह से रिंग से मुक्त कर दिया जाए। मगर जो भी उसके हाथ से रिंग को बाहर निकालता, वह स्वयं उस प्रेत के कब्ज़े में आ जाता। कोई भी ऐसा तरीका नहीं था, जहाँ रिंग को बिना हाथ लगाए उस फ़ादर के उंगली से बाहर निकाला जा सके। उधर वह प्रेत वहाँ मौजूद लोगों पर जानलेवा प्रहार करता रहा। उसने दो फ़ादरस को लगभग मार ही डाला था। उन्हें मजबूर होकर अपने लिए सहायता बुलानी पड़ी। तब चर्च के सैनिक वहाँ पहुँचे और उनकी उस प्रेत से भयानक लड़ाई हुई। अंततः उन्होंने फ़ादर को पकड़ ही लिया और जैसे-तैसे उसके उंगली को काटकर उसे प्रेत से आज़ाद कर दिया गया। चर्च ने कैथी की देखभाल करने की ज़िम्मेदारी ली और उस रिंग का क्या हुआ यह आज-तक कोई भी नहीं जान पाया। चर्च वालों ने उसे सुरक्षित छुपा रखा है। यहाँ तक कि इस किस्से को भी गोपनीय रखा गया। तो यह थी पूरी कहानी और अब मैं चलता हूँ।’ यह बोलकर वह प्रेत मेरी नज़रों के सामने से ओझल हो गया। और मैं एक और सच्ची कहानी के साथ अपने कमरे में अकेला रह गया।

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Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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