7. जूलियट से मुलाकात

वह सुबह का वक्त था, परंतु अभी रोशनी नहीं हुई थी। मैंने मिस स्काइ को घर के तहखाने में जाते देखा। मैं भी चुपचाप उनके पीछे चल पड़ा। मैं देखना चाहता था कि इतनी सुबह मिस स्काइ क्या करने जा रही हैं। परंतु उन्हें मेरे वहाँ होने का फौरन अंदेशा हो गया।

‘अब छुपो मत लड़के, यहाँ आ जाओ और मेरी थोड़ी मदद करो।’ मिस स्काइ ने कहा।

मुझे इस बात से जरा भी हैरानी नहीं हुई कि उन्हें कैसे मेरे वहाँ होने का अंदेशा लग गया था। वे सच में कमाल की जादूगरनी थी। मिस माँरफीन ने उनके बारे में सच ही कहा था कि उन्हें वो चीजें भी नजर आ जाती हैं, जो इस दुनिया में ही नहीं है। फिर मैं तो उनके इतने करीब छिपा था। खैर जब मैं उनके पास पहुँचा, तब उन्होंने मुझे ज़मीन पर मौजूद एक दरवाज़े को खोलने के लिए कहा।

मैंने दरवाज़ा खोला और अंदर एक सुरंग था। जब मैं मिस स्काइ के पीछे उस सुरंग में दाखिल हुआ और उन्होंने अपने जादू से उसमें मौजूद सभी मशालों को जला दिया, तब मुझे उसकी लंबाई का आभास हुआ। वह सुरंग सचमें बहुत लंबा था।

मैं चुपचाप उनके पीछे चल पड़ा। तकरीबन आधे घंटे तक चलते रहने के बाद हम एक दरवाज़े के पास पहुँचे। मिस स्काइ ने अपनी छतरी से उस दरवाज़े को तीन बार ठोका और वह विशाल लोहे का दरवाज़ा चरमराते हुए खुल गया। हम उस दरवाज़े से होकर अंदर दाखिल हुए। अंदर एक बहुत बड़ा और खूबसूरत कमरा था। मैंने देखा कि जूलियट एक सोफे पर बैठे कुछ खा रही थी।

‘जूलियट ठीक हो चुकी है!’ मैं बड़बड़ाया। मुझे यह देखकर बेहद हैरानी हुई।

‘पूरी तरह से नहीं। मगर हाँ इसमें पहले से काफी सुधार हुआ है। परंतु अभी इसके ऊपर से काले जादू का असर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अभी भी इसके दिमाग में वो पुरानी बातें ताजी हैं। जब-तक वे उन्हें पूरी तरह से नहीं भूल जाती, तब-तक इसके ऊपर जादू का असर बना रहेगा।’ मिस स्काइ ने कहा।

‘कैसी पुरानी बातें?’ मैंने पूछा।

इसी बीच जूलियट उठकर खड़ी हुई और मुस्कराते हुए मिस स्काइ के पास आकर खड़ी हो गई।

‘पुरानी बातों से मेरा मतलब है बुरी यादें, जो इसके साथ जूना वारिच के घर में घटी थीं। उन घटनाओं का डर अब भी इसके दिमाग में ताजी हैं, जिसकी वजह से मुझे काले जादू को तोड़ने में परेशानी हो रही है। जब-तक की जूलियट खुद को उन बुरी यादों से ऊपर नहीं उठा लेती, तब-तक इसके ऊपर किये गए जादू को खत्म कर पाना मुश्किल है।’

‘बुरी यादों को हटाना है, तब तो आपको इसे दूसरे लोगों से मिलने की अनुमति दे देनी चाहिए। उनसे मिलकर और बातें करके यह कुछ ही दिनों में उन डरावनी बातों को भूल जाएगी।’ मैंने कहा।

‘हाँ, मगर अभी जूलियट उसके लिए तैयार नहीं है। मुझे जूलियट के ऊपर से काले जादू और उन बुरी यादों को पूरी तरह से खत्म करना है। जिसके लिए जूलियट का अकेला रहना बहुत जरूरी है।’ मिस स्काइ ने कहा।

‘भला अकेले रहने से जूलियट की कैसे मदद हो सकती है? इससे तो वह फिर से उन पुरानी बातों को सोचकर परेशान हो उठेगी।’ मैंने चिंतित होकर कहा।

‘और यही तो मैं चाहती हूँ कि जिन यादों के जरिये वह काला जादू जूलियट से बंधा है, वह उसे बार-बार सोचे और धीरे-धीरे खुद को उन बुरी यादों से ऊपर उठाने की कला सिख ले। अगर यह अभी दूसरे लोगों से मिलती है तो फिर जूलियट नई यादें बनाएगी और वे पुरानी यादें भी इसके दिमाग में बनी रहेंगी। और जब भी जूलियट उदास होगी, वे पुरानी यादें फिर से सक्रिय हो जाएंगी और इसके दिमाग में अपना प्रभाव डालना शुरू कर देंगी। और तब तुम जूलियट कि स्थिति का अंदाजा भी नहीं लगा सकोगे।’

मुझे मिस स्काइ की बातें समझ में आ गई थी। वो पहले जूलियट के दिमाग से बुरी यादों को मिटाना चाहती थी। क्योंकि उन्हीं यादों चलते जूलियट पर अब-तक काले जादू का प्रभाव था।

‘तो अब मुझे चलना होगा। मैं जूलियट को अपने साथ विंडविज लेकर जा रही हूँ। वहाँ ये ज्यादा सुरक्षित रहेगी। लौटते वक्त मैं अपने साथ कुछ जादूगरों को लेकर आऊँगी। आखिर हमें युद्ध की तैयारी भी तो करनी है।’ मिस स्काइ ने कहा और जूलियट का हाथ पकड़कर वहाँ से गायब हो गईं।

अब मैं उस कमरे में अकेला था। और मैं जल्दी से जल्दी बैनी सारस और पूजा के पास पहुँचना चाहता था। आखिर मुझे उन्हें यह खबर तो देनी ही थी कि उनकी बेटी जूलियट अब कुछ ही दिनों में पूरी तरह से स्वस्थ हो जाने वाली थी।

जारी है…

Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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1 Response

  1. Rishi says:

    This story is really taking off.

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