4. चुड़ैलों और डायनों के बीच का अंतर

मेरे ख्याल से मैं वह सब कुछ जान चुका था, जो मुझे भूतों और प्रेतों के बारे में जानना चाहिए था। अब मुझे चुड़ैलों और डायनों के बारे में जानना था। इसलिए मुझे उस प्रेत का इंतजार था, जो मुझे इनके बारे में बताने वाला था। और मुझे ज्यादा प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। उस रात मैं भोजन करने के बाद अभी सोने जाने वाला ही था कि तभी मेरे बाल्कनी में हल्की सी आहट हुई। फिर एक तेज परंतु ठंडी हवा के झोंके ने मेरे पूरे शरीर में सिहरन सी पैदा कर दी। और जब मैं अपनी बाल्कनी में पहुँचा, तो मुझे वह प्रेत नजर आया। वह मुझे देखकर मुस्कराया, ठीक वैसे ही जैसे कि एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त को देखकर मुस्कुराता है। परंतु वह मेरा दोस्त नहीं हो सकता था। क्योंकि वह एक प्रेत था, जो कि एक चुड़ैल के कहने पर मुझे भूतों-प्रेतों की दुनिया के बारे में बताने आया था।

खैर उसने मुझसे हमेशा की तरह कहा ‘तुम मुझसे आज का प्रश्न पूछो।’

मैंने बिना कोई विलंब किये उससे कहा ‘आप मुझे चुड़ैलों और डायनों की दुनिया के बारे में बताइए।’

‘चलो ठीक है।’ उसने कहा और मुझे बताना शुरू किया-

‘यह सब कुछ दो चरणों में बटा हुआ है। पहले चरण में डायनों का जिक्र किया जाता है और दूसरे चरण में चुड़ैलें आती हैं। बहुत से लोगों का ऐसा मानना है कि डायन और चुड़ैलें भी हम भूत-प्रेतों की तरह जीवित नहीं होती। मगर ऐसा नहीं है। डायन और चुड़ैलें दोनों जीवित होती हैं। परंतु उनकी शक्तियाँ ऐसी होती हैं कि जिस किसी का भी उनसे सामना हुआ, वह उन्हें मरा हुआ मान लेते हैं। क्योंकि वे गायब हो सकती हैं, जादू कर सकती हैं, उड़ सकती हैं, और कहीं भी अचानक हम भूत-प्रेतों की तरह प्रकट हो सकती हैं। इसलिए मनुष्यों को ऐसा लगता है कि वे जीवित नहीं हैं। और भला इसमें सीधे-साधे मनुष्यों का भी कोई दोष नहीं है। मैं भी जब जीवित था, तो मेरा भी ऐसा ही मानना था।’ एक छोटे से अंतराल के बाद वह प्रेत पुनः बोला-

‘खैर, पहले चरण की बात करते हैं। जिसमें सिर्फ और सिर्फ डायनें शामिल होती हैं। डायन काले-जादू में माहिर होती हैं। जब कोई महिला डायन बनती है, तो उस दौरान वह उन चीजों को सीख रही होती है, जो काले जादू के किताबों में लिखी हुई होती है। इस दौरान उन्हें एक शाप से भी होकर गुजरना पड़ता है। उस शाप की वजह से वे किसी भी मनुष्य के साथ अपना जीवन नहीं गुजार पाती। फिर भी अगर वे किसी मनुष्य के साथ रह रही होती हैं, तो इसमें सिर्फ उनका स्वार्थ छिपा हुआ होता है। वे अपनी किसी मकसद से उस मनुष्य के साथ रह रही होती हैं। संभव है कि वे उनका बलि देकर और शक्तियाँ अर्जित करना चाहती हों, ताकि वे भी चुड़ैल बन सकें। इस दौरान डायने कई तरह की साधना किया करती हैं। जिसमें खुद को प्रताड़ित करना भी शामिल होता है। वे कई प्रकार से खुद को प्रताड़ित करती हैं, जिसमें अपने चेहरे को जलाना, अपने खून को ज़मीन पर बिखेर कर साधना करना, अपने पांव को उलटा मोड़ना आदी शामिल होता है। और भी ऐसे ढेरों प्रताड़नाएँ होती हैं, जिसकी तुम कल्पना कर सकते हो। इसके अलावा काले-जादू के रीति रिवाज के अनुसार जानवरों, मनुष्यों और उनके बच्चों की बलि देकर शक्ति अर्जित करना भी डायनों के साधना में शामिल होता है। इस दौरान उन्हें अतुल्य कष्ट और पीड़ा का सामना करना पड़ता है। परंतु जब वे उन कष्ट, पीड़ा और मोह के माया जाल से ऊपर उठ जाती हैं और उन्हें किसी भी प्रकार का दर्द महसूस नहीं होता, तब जाकर उन्हें उस शैतान का दर्शन होता है, जो उन्हें मुँह माँगा वरदान देता है और वे डायन से चुड़ैल बन जाती हैं।’

‘अब हम दूसरे चरण की बात करते हैं। और यहाँ तुम जानोगे चुडै़लों के बारे में। गेस्ट हाउस में तुम जिस महिला से मिले थे वह भी एक चुड़ैल ही थी। एक बेहद शक्तिशाली चुड़ैल। डायन से चुड़ैल बनने के बाद ही उनकी असली यात्रा की शुरूआत होती है। वे तब स्वयं शैतान के लिए काम करने लग जाती हैं और वे दीर्घ आयु बन जाती है। इसके साथ वे हमेशा जवान और खूबसूरत भी बनी रहती हैं। इस दौरान उन्हें लोगों के बीच रहने की आज़ादी मिल जाती है। वे डायनों के विपरीत लोगों से बातें कर सकती हैं और कुछ परिस्थिति में तो वे मनुष्यों के साथ अपना घर भी बसाती हैं। परंतु ज्यादातर चुड़ैलों की सोच होती है कि वे अपने ही जाति के लोगों के साथ जीवन बिताए। अधिक शक्तिशाली के साथ वे सभी अधिक धनवान भी बन जाती हैं। पर ये तो सामान्य बात थी। चुड़ैल बनने के बाद उनमें इतनी शक्ति आ जाती है कि वे हम जैसे भूतों और प्रेतों को भी बड़ी आसानी से नियंत्रित कर लेती है। वे हमें अपने वश में करके कुछ भी करवा सकती हैं और हमें उनकी आज्ञा माननी पड़ जाती है।’

वह प्रेत अपनी बात पूरी कर चुका था। फिर उसने मुझे अलविदा कहा और वहाँ से गायब हो गया। मुझे डायनों और चुड़ैलों के बीच का अंतर समझ में आ गया था। और इस तरह से मैं एक और रहस्मयी कहानी का साक्षी बन चुका था। जिसे सोचते-सोचते मैं बिस्तर पर लेटा और मेरी आँख लग गई।

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Ritu Raj

मेरा नाम ॠतु राज है और मैं आपका Magical Hindi Stories में स्वागत करता हूँ। मेरी कोशिश आप सभी पाठकों तक ऐसी नई और रोचक हिंदी कहानियाँ पहुँचाने की है, जिन्हें आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे।

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