Tagged: भूत

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2. हम कैसे जाने कि हमपर भूतों-प्रेतों का साया है?

इस श्रृंखला की पहली दो कहानियों गेस्ट हाउस और भूत-प्रेत कहाँ रहते हैं, को ढ़ेर सारा प्यार देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। आपके इसी प्यार के बदौलत मुझे और कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिलती है।...

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अलमारी में कौन छिपा बैठा है?

मेरा नाम रोहित है। मेरी शादी को हुए अब पाँच साल हो चुके है और अब मेरा एक बेटा भी है। हमने उसका नाम आकाश रखा है। वह तब दो साल चार महीने का...

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ब्लडफॉल ग्रेव्यार्ड की कथा

थेम पार्क की जितनी प्रशंसा की जाए, उतना कम है। वह पार्क इतना बड़ा है कि उसे पूरा देखने के लिए हफ्तों जितना समय लग जाए। आस-पास के इलाकों से लेकर दूर देशों से...

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बंद दरवाज़ा

मैं अपने तीन दोस्तों के साथ अभी-अभी एक पी.जी में स्थानान्तरण हुआ था। घर में सुख-सुविधा की सारी चीजें थीं। इसलिए हमें अलग से कुछ खरीदने की आवश्यकता नहीं थी। शुरू के तीन महीने...

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डायन से शादी

घटना 18वीं सदी के अंत की है। तब हमारा देश एक साथ कई समस्याओं से जूझ रहा था। अंग्रेजों और जमींदारों की हुकूमत क्रूरता के नए अध्याय लिखते जा रहे थे और गरीब तबके...

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जिन्न से मुलाकात

उन दिनों गरमी का मौसम था और रात में हम सब परिवार छत पर चाँद-तारों के नीचे सोया करते थें। जब आसमान से होती हुई ओस की बूंदे मेरे गद्दे पर पड़ती और रात...

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4. आयामों की रेखा और नौ दुनिया

नेमो हमें उस कमरे में ले गई जो पूरी तरह से खाली था। मैं यहाँ पहले भी आ चुका था। यह वही कमरा था जिसमें दो त्रिकोण खिड़कियाँ थीं। बाहर घना अंधेरा था और...

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गेस्ट हाउस

मैं अक्सर भूतों, प्रेतों और चुड़ैलों का मज़ाक उड़ाया करता था। जब भी ऐसी कोई बात छिड़ती, तो मैं जाने-अनजाने में कुछ ऐसा कह जाता, जो शायद मुझे नहीं कहना चाहिए। मेरे लिए तो...

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दैत्य का जहाज

पानी के बड़े जहाज़ में घूमने के नाम से ही लोगों का रोमांच बढ़ जाता है। खासकर मेरे जैसे लोगों का, जिन्हें रोमांच और ख़तरों से प्यार होता है। इसलिए ही तो मैं अपनी...

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3. सात महत्वपूर्ण अतिथि

मेरे दिखाई देने की वजह से मैं बहुत खुश था और शोभा भी। अब कौशल भी मुझे देखकर नहीं रो रहा था। हाँ अभी उसे अपने गोद में उठाने की मेरी इच्छा अधूरी थी।...

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डार्क वेब और बेला इसौन

उन दिनों मैं अपने फ्लैट में अकेले रहा करता था। शाम को आँफिस से लौटने के बाद टीवी या लैपटाँप मेरे साथी बन जाया करते थें। वह शुक्रवार का दिन था और अगले दिन...

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2. मैं फिर से दिखने लगा

हम अब भी उस कमरे में मौन खड़े थे। वह दो पैरों पर चलने वाली मोमबत्ती बोलना भी जानती थी और कहना मानना भी। उसका कद 3 फूट होगा। उसकी आवाज़ पतली और सुरीली...

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अलविदा एमा

कहते हैं कि किसी वस्तु के प्रति आकर्षण अच्छी बात है, पर जब वह वस्तु शापित हो तब वही आकर्षण चिंता, दुखों और डरावनी रहस्यमयी घटनाओं का कारण बन जाती है। ऐसी ही एक...

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डायन की कुटिया

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक किसान रहा करता था। उसका नाम बाला था। उसके परिवार में कुल चार लोग थें। बाला स्वयं, उसकी पत्नी और दो बच्चे। जिनका...